हरियाली #लेखनी दैनिक कविता प्रतियोगिता -12-Aug-2022
दिनांक -12.08.2022
सृजन शब्द - हरियाली
चौपई छंद/जयकारी छंद
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हरियाली हो, सब की चाह।
आँखे तरसे, देखें राह।।
बादल बरसे, बुझती प्यास।
सूखी धरती, करती आस।।
पेड़ काट कर, करते राज।
आती न इन्हें, देखो लाज।।
हरियाली को, करते भस्म।
फिर कहते हैं, यह तो रस्म।।
पशु पंछी के, घर को तोड़।
विपदा में दें, इनको छोड़।।
इनसे अपना,मुख मत मोड़।
हरियाली से,नाता जोड़।।
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कविता झा'काव्या कवि'
# लेखनी
##लेखनी दैनिक काव्य प्रतियोगिता
Seema Priyadarshini sahay
13-Aug-2022 12:57 PM
Nice post 👌
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Shashank मणि Yadava 'सनम'
13-Aug-2022 10:01 AM
👌🏼 👌🏼 👌🏼 लाजवाब लाजवाब
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Madhumita
13-Aug-2022 09:57 AM
शानदार
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